हिन्दू धर्म में नवरात्री बहुत ही महत्वपूर्ण त्यौहार है. नवरात्री की तैयारियां लोग पर्व शुरू होने से पहले ही करने लगते है. नवरात्री में माता दुर्गा की नौ दिनों तक पूजा की जाती है और पूजा के दौरान नौ दिन तक व्रत भी रखा जाता है. नवरात्री में माता दुर्गा के हर एक रूप की पूजा होती है. हर दिन अलग अलग रूप की पूजा की जाती है. इसी तरह से पूजा के हर दिन आप किस रंग के कपड़े पहन रहे हैं यह भी काफी मायने रखता है. पूजा करने के लिए मां के स्वरूप के अनुसार कपड़ों के रंग का चयन करना अच्छा होता है और यह आपके लिए फलदायी भी होता है. तो आइये जानते है माता के रूप के अनुसार हर दिन के अलग रंग के कपड़ो के बारे में. नवरात्री के पहले दिन माता शैलपुत्री की पूजा की जाती है. इस दिन अगर आप पीले रंग के कपड़े पहनते है तो यह आपके लिए काफी शुभ रहता है. दूसरे दिन माता ब्रह्मचारिणी की उपासना की जाती है. इस दिन हरे रंग के कपड़े का खासा महत्तव होता है. इस दिन आपको हरे रंग का वस्त्र धारण करना चाहिए. नवरात्री के तीसरे दिन माता चंद्रघंटा की पूजा होती है और इस दिन आपको ग्रे यानि स्लेट पेंसिल के रंग के कपड़े पहनने चाहिए. नवरात्री के चौथे दिन माता कुष्मांडा की पूजा की जाती है. इस दिन नारंगी रंग के कपड़े को काफी शुभ माना जाता है. नवरात्री के पांचवे दिन माता स्कंदमाता की पूजा होती है. इस दिन अगर आप सफ़ेद रंग के कपड़े पहनते है तो वह आपके लिए काफी शुभ माना जाता है. नवरात्री के छठे दिन माता कात्यानी की उपासना की जाती है. इस दिन लाल रंग का कपड़ा आपके लिए शुभ होता है. सातवें दिन माता कालरात्रि की पूजा होती है और इस दिन नीले रंग का बहुत महत्तव होता है. इस दिन अगर आप नीले रंग के कपड़े धारण करते है तो वह आपके लिए बहुत शुभ होता है. नवरात्रि के आठवे दिन माता महागौरी की पूजा की जाती है. इस दिन अगर आप गुलाबी रंग के कपड़े पहनते है तो वह आपके लिए शुभ माना जाता है. नवरात्रि के आखिरी दिन माता सिद्धिदात्री की पूजा होती है. इस दिन आपको बैंगनी रंग के कपड़े पहनने चाहिए. इस दिन बैंगनी रंग आपके लिए शुभ माना जाता है.
Thursday, 21 February 2019
Navratri 2019 : नवरात्री के हर दिन अगर ऐसा किया तो खुल जायेगी आपकी किस्मत।
हिन्दू धर्म में नवरात्री बहुत ही महत्वपूर्ण त्यौहार है. नवरात्री की तैयारियां लोग पर्व शुरू होने से पहले ही करने लगते है. नवरात्री में माता दुर्गा की नौ दिनों तक पूजा की जाती है और पूजा के दौरान नौ दिन तक व्रत भी रखा जाता है. नवरात्री में माता दुर्गा के हर एक रूप की पूजा होती है. हर दिन अलग अलग रूप की पूजा की जाती है. इसी तरह से पूजा के हर दिन आप किस रंग के कपड़े पहन रहे हैं यह भी काफी मायने रखता है. पूजा करने के लिए मां के स्वरूप के अनुसार कपड़ों के रंग का चयन करना अच्छा होता है और यह आपके लिए फलदायी भी होता है. तो आइये जानते है माता के रूप के अनुसार हर दिन के अलग रंग के कपड़ो के बारे में. नवरात्री के पहले दिन माता शैलपुत्री की पूजा की जाती है. इस दिन अगर आप पीले रंग के कपड़े पहनते है तो यह आपके लिए काफी शुभ रहता है. दूसरे दिन माता ब्रह्मचारिणी की उपासना की जाती है. इस दिन हरे रंग के कपड़े का खासा महत्तव होता है. इस दिन आपको हरे रंग का वस्त्र धारण करना चाहिए. नवरात्री के तीसरे दिन माता चंद्रघंटा की पूजा होती है और इस दिन आपको ग्रे यानि स्लेट पेंसिल के रंग के कपड़े पहनने चाहिए. नवरात्री के चौथे दिन माता कुष्मांडा की पूजा की जाती है. इस दिन नारंगी रंग के कपड़े को काफी शुभ माना जाता है. नवरात्री के पांचवे दिन माता स्कंदमाता की पूजा होती है. इस दिन अगर आप सफ़ेद रंग के कपड़े पहनते है तो वह आपके लिए काफी शुभ माना जाता है. नवरात्री के छठे दिन माता कात्यानी की उपासना की जाती है. इस दिन लाल रंग का कपड़ा आपके लिए शुभ होता है. सातवें दिन माता कालरात्रि की पूजा होती है और इस दिन नीले रंग का बहुत महत्तव होता है. इस दिन अगर आप नीले रंग के कपड़े धारण करते है तो वह आपके लिए बहुत शुभ होता है. नवरात्रि के आठवे दिन माता महागौरी की पूजा की जाती है. इस दिन अगर आप गुलाबी रंग के कपड़े पहनते है तो वह आपके लिए शुभ माना जाता है. नवरात्रि के आखिरी दिन माता सिद्धिदात्री की पूजा होती है. इस दिन आपको बैंगनी रंग के कपड़े पहनने चाहिए. इस दिन बैंगनी रंग आपके लिए शुभ माना जाता है.
इस खिलाड़ी की गलती के वजह से सौ का औसत बनाने से चूके थे ब्रैडमैन।
दुनिया में क्रिकेट के डॉन माने जाने वाले ऑस्ट्रेलिया के डोनाल्ड ब्रैडमैन केवल चार रन से टेस्ट क्रिकेट में 100 का औसत हासिल नहीं कर पाये थे. इंग्लैंड के लेग स्पिनर एरिक होलीज़ ने ब्रैडमैन को उनकी अंतिम पारी में शून्य पर बोल्ड कर दिया था और उनका औसत 99.94 पर ही अटक गया था. लेकिन ब्रैडमैन की आखिरी मैच से पहले के मैच में ब्रैडमैन के साथ खेलने वाले खिलाड़ी नील हारवे चाहते तो ब्रैडमैन १०० की औसत का रिकॉर्ड बना सकते थे. ब्रैडमैन के आखिरी मैच से पहले लीड्स में खेले गये मैच में नील हारवे ने पहली पारी में 112 रन बनाये थे. वह दूसरी पारी में तब क्रीज पर उतरे जब आस्ट्रेलिया को जीत के लिये केवल चार रन की दरकार थी और उन्होंने पहली गेंद पर ही चौका जड़कर टीम को जीत दिला दी थी. ब्रैडमैन उस समय दूसरे छोर पर 173 रन बनाकर खेल रहे थे और अगर यह विजयी चौका उनके बल्ले से निकला होता तो इस समय उनका औसत १०० का होता. नील हारवे अभी भी जीवित हैं और आठ अक्टूबर को अपना ९०वा जन्मदिन मनाने वाले है. मीडिया से बातचीत करते हुए नील ने कहा की लीड्स में बनाये गये उन चार रन से मैं आज भी अपराधबोध से ग्रस्त हो जाता हूं. यह पूरी तरह से मेरी गलती थी जो ब्रैडमैन टेस्ट क्रिकेट में 100 का औसत हासिल नहीं कर पाये. अगर वे चार रन मेरे बजाय उन्होंने बनाये होते तो वह यह उपलब्धि हासिल कर लेते. हारवे ने आगे कहा की मैं दोष लेने के लिये तैयार हूं लेकिन तब आंकड़ों का जिक्र नहीं होता था. टेलीविजन नहीं था और किसी पत्रकार को भी इसका अहसास नहीं था. जब वह आउट हो गये तब इसके बारे में पता चला. इंग्लैंड पहली पारी में 52 रन पर आउट हो गया था इसलिए उन्हें बचे चार रन बनाने का दूसरा मौका नहीं मिला.
एक खम्बे पर टिका 872 साल पुराना मंदिर पूरी होती है यह मनोकामना। Ganlu Temple
दक्षिण पश्चिम चीन में एक ऐसा अद्भुत मंदिर है जिसके बारे में जान कर आपके होश उड़ जाएंगे . यह मंदिर चीन की पहाड़ियों में बना हुआ है. इस मंदिर का नाम गंलु मंदिर हैं. इस मंदिर की सबसे ख़ास बात यह है की यह केवल एक खम्बे के सहारे खड़ा हुआ है. गंलु मंदिर तक़रीबन ८७२ साल पुराना है. मंदिर जमीन से २६० फ़ीट की ऊंचाई पर बनाया गया है. मंदिर से जुड़ी मान्यता है की जिन दम्पतियों को औलाद नहीं होती है अगर वह यहाँ पर आकर मंदिर में दर्शन करते है तो उन्हें संतान सुख की प्राप्ति होती है. वर्षों पूर्व इस मंदिर का निर्माण जुकिया नामक शाषक ने किया था. कहा जाता है की जुकिया ने इस मंदिर का निर्माण अपनी माता की याद में करवाया था. मंदिर में कई लोग अपनी मनोकामना पूर्ण करने के लिए आते हैं वहीँ कई लोग इसकी बनावट और डिज़ाइन को देखने के लिए आते हैं.
दक्षिण अफ्रीका के इस नेत्रहीन खिलाड़ी ने बनाया टी-20 क्रिकेट में दोहरा शतक। Frederik Boer
दक्षिण अफ्रीका के प्रीटोरिया में ब्लाइंड टी ट्वेंटी टूर्नामेंट में खेल रहे एक नेत्रहीन खिलाड़ी ने ट्वेंटी ट्वेंटी मैच में दोहरा शतक लगा कर कमाल कर दिया है. फ्रेडरिक बोएर नाम के इस खिलाड़ी ने मात्र ७८ गेंदों में ३९ चौके और ४ छक्के की मदद से २०५ रन बनाये है. ट्वेंटी ट्वेंटी मैच में दोहरा शतक लगाना वो भी एक नेत्रहीन खिलाड़ी के द्वारा एक बहुत बड़ी बात है. बोएर ने अपनी पारी के २०५ रनो में १८० रन केवल छक्के और चौक्कों से ही बनाये हैं. बोएर अपनी इस पारी से रातो रात स्टार बन गए हैं. बोएर अब दक्षिण अफ्रीका के पहले बल्लेबाज बन गए हैं जिन्होंने टी ट्वेंटी में दोहरा शतक लगाया है. यह मैच ब्लाइंड क्रिकेट नेशनल साउथ अफ्रीका टूर्नामेंट में बोलैंड की टीम और फ्री स्टेट की टीम के बीच खेला जा रहा था. बोएर बोलैंड टीम के तरफ से खेल रहे थे. बोलैंड की टीम पहले बल्लेबाज़ी करने उतरी थी. जिसमे बोएर ने २०५ रनो की आतिशी पारी खेली और उनके साथी बल्लेबाज़ शेपर्ड मंगाबा ने भी ५३ गेंदों में ९७ रन बनाये थे. पारी की अंतिम गेंद पर बोएर रन आउट हो गए. बोएर और मंगाबा के बीच ३१९ रनो की साझेदारी हुई. यह भी अपने आप में एक कमाल का रिकॉर्ड है. बोलैंड की टीम ने निर्धारित २० ओवरों में ३१९ रन बनाये थे. जवाब में खेलने आयी फ्री स्टेट की टीम २० ओवरों में ६ विकेट खोकर १५५ रन ही बना सकी. बोलैंड ने इस मैच को १६४ रनो से जीत लिया.
Prithvi Shaw : जानिए बिहारी मूल के इस नए चमकदार सितारे के बारे में।
पृथ्वी शॉ ने वेस्टइंडीज के खिलाफ शतक लगा कर के अपनी अंतराष्ट्रीय क्रिकेट करियर का शानदार आगाज़ किया है. १८ वर्ष और ३२९ दिन के पृथ्वी भारत के तरफ से अपने पहले ही मैच में शतक लगाने वाले सबसे युवा खिलाड़ी हैं. मुंबई के विरार में रहने वाले पृथ्वी का राजकोट तक का सफर काफी मुश्किलों भरा रहा है. पृथ्वी के पिता अशोक शॉ मूल रूप से बिहार के गया से हैं लेकिन वो बहुत पहले ही मुंबई आ गए थे. केवल चार वर्ष के उम्र में पृथ्वी की माँ का देहांत हो गया था. उसके बाद पृथ्वी के पिता ने ही उसका ध्यान रखा है. बचपन से ही क्रिकेट में रुचि रखने वाले पृथ्वी को उनके पिता का पूरा सहयोग मिला है और पृथ्वी को आगे बढ़ाने में उनका काफी योगदान है. पृथ्वी शॉ पहली बार हैरिस शील्ड ट्रॉफी में खेलते हुए नज़र में आये थे. इस ट्रॉफी में पृथ्वी ने अपने स्कूल रिजवी स्प्रिंगफील्ड के लिए 546 रन बनाए थे. पृथ्वी शॉ ने रणजी ट्रॉफी में भी डेब्यू मैच में ही शतक लगाया था. एक के बाद एक शानदार परफॉरमेंस देने के बाद पृथ्वी को इंडिया अंडर nineteen टीम का कप्तान चुना गया था. यहां तो पृथ्वी ने कमाल ही कर दिया और भारत को विश्व कप का खिताब दिलवा दिया. पृथ्वी ने दिलीप ट्रॉफी में भी अपने पहले ही मैच में शतक ठोक दिया था. भारतीय टेस्ट टीम में जगह मिलने से पहले इंडिया ए के लिए खेलते हुए पृथ्वी ने ढ़ेर सारे रन बनाये थे. पृथ्वी शॉ को इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी दो टेस्ट मैच के लिए भारतीय टीम में जगह दी गई थी लेकिन उन्हें डेब्यू करने का मौका वेस्टइंडीज के खिलाफ ही मिला है. पृथ्वी शॉ ने एक level से दूसरे level तक काफी जल्दी ही तरक्की की है. उन्होंने किसी level को jump नहीं किया बल्कि अपने खेल के दम पर वो एक से दूसरे level तक पहुंचे है. आज पृथ्वी जब बल्लेबाज़ी कर रहे थे तब ऐसा लग रहा था की वो ५० टेस्ट मैच का अनुभव लेकर के आए हैं. अगर पृथ्वी ऐसे ही बल्लेबाज़ी करते रहे तो वो भारतीय टीम के साथ लम्बे समय तक जुड़े रह सकते है.
Thursday, 4 October 2018
India vs West Indies : Prithvi Shaw ने लगाया अपने पहले ही मैच में शानदार शतक
भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच में अपना पहला मैच खेल रहे सलामी बल्लेबाज़ पृथ्वी शॉ ने शानदार शतक ठोक दिया है. पृथ्वी शॉ ने १५४ गेंदों में १९ चौकों की मदद से १३४ रनो की पारी खेली है जिसमे शॉ ने अपना सैकड़ा केवल ९९ गेंदों में पूरा कर लिया था. शॉ की पारी काफी आकर्षक रही और उन्होंने वेस्टइंडीज के गेंदबाज़ो की तबियत से धुलाई की है. पृथ्वी शॉ केवल १८ वर्ष के हैं और वह सबसे कम उम्र में डेब्यू मैच में शतक लगाने वालों की सूचि में चौथे स्थान पर पहुँच गए है. डेब्यू मैच में सबसे कम उम्र में शतक लगाने का रिकॉर्ड बांग्लादेश टीम के मोहम्मद अशरफुल के नाम है. जो कारनामा आज पृथ्वी शॉ ने किया है वो कारनामा सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली भी नहीं कर पाए थे. दोनों ही खिलाड़ी अपने पहले मैच में शतक लगाने से चूक गए थे. पृथ्वी शॉ भारत के तरफ से अपने पहले मैच में शतक लगाने वाले १५वे खिलाड़ी बन गए हैं. अपने इस शतक से पृथ्वी शॉ ने एक अनोखा रिकॉर्ड भी बनाया है. पृथ्वी शॉ न सिर्फ इंटरनेशनल क्रिकेट के डेब्यू में शतक बनाया है बल्कि उन्होंने अपने रणजी ट्रॉफी के डेब्यू और दिलीप ट्रॉफी के डेब्यू में भी शतक लगाया था. राजकोट में खेले जा रहे इस मैच में टॉस भारत ने जीता था और पहले बल्लेबाज़ी करने का फैसला किया था. आज के दिन का खेल ख़तम होने तक भारत ने ४ विकेट खोकर ३६४ रन बना लिए है. इसमें पृथ्वी शॉ १३४ रन बनाकर आउट हो गए है. उनके साथ २०६ रनो की साझेदारी बनाने वाले चेतेश्वर पुजारा भी ८६ रन बनाकर आउट हो गए है. अजिंक्या राहाणे ने भी ४१ रन का योगदान दिया और शरमन लुइस को अपना विकेट दे दिया. अभी क्रीज़ पर विराट कोहली ७२ रन बनाकर खेल रहे है और उनका साथ ऋषब पंत १७ रन बनाकर दे रहे है.
Tuesday, 2 October 2018
मुंबई के मरीन ड्राइव पर बना 90 लाख का इको फ्रेंडली टॉयलेट | Marine Drive Toilet
मुंबई के मरीन ड्राइव में सामाटेक फाउंडेशन की कंपनी जेएसडब्ल्यू ग्रुप ने ९० लाख रूपये की लागत से एक पब्लिक toilet बनाया है. यह toilet पूरी तरह से इको फ्रेंडली है. इस toilet में सोलर पैनल और वैक्यूम की तकनीक को इस्तेमाल किया गया है. वैक्यूम तकनीक के इस्तेमाल के कारण इसमें पानी का खर्च बहुत कम हो जाएगा. साधारण toilet को फ्लश करने के दौरान करीब आठ लीटर पानी का खर्चा होता है वहीँ इस toilet में केवल ८०० मिलीलीटर पानी का खर्चा होगा. कंपनी के सहसंस्थापक अक्षत गुप्ता ने बताया की नया toilet बनाने के लिए नरीमन पॉइंट चर्चगेट सिटीजन एसोसिएशन ने पहल की और इसको बनाने में उनका पूरा सहयोग रहा है. 6 ब्लॉक के इस toilet का उद्घाटन सोमवार को शिवसेना के युवा संगठन के अध्यक्ष आदित्य ठाकरे ने किया था. इस toilet का उद्देश्य केवल पानी को बचाना ही नहीं होगा बल्कि हर साल जो लाखों लीटर सीवेज मरीन ड्राइव बे तक पहुँचता है यह toilet उसे भी रोकेगा. इस toilet से मरीन ड्राइव को सुबह jogging करने वाले या cycling करने वाले लोगों को सुविधा मिलेगी. इस पब्लिक toilet की सबसे ख़ास बात है की इसको इस्तेमाल करने के लिए आपको एक रुपया भी नहीं देना है. इस toilet को आप बिलकुल मुफ्त इस्तेमाल कर सकते है.
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'Yeh Hai Mohabbatein' की एक्ट्रेस Neeru Agrawal का अकस्मात् निधन, सदमे में साथी कलाकार।
स्टार प्लस पर आने वाले मशहूर शो ये हैं मोहब्बतें की अभिनेत्री नीरू अग्रवाल का अकस्मात् निधन हो गया है. नीरू अग्रवाल ये है मोहब्बतें सीरियल में नौकरानी का किरदार निभाती थीं. नीरू अग्रवाल पिछले कई दिनों से तेज़ बुखार से गुजर रही थी. दो अक्टूबर की सुबह जब नीरू अग्रवाल बुखार की हालत में बाथरूम गयीं तो वह बाथरूम में फिसल के गिर गयीं. उन्हें जल्दबाज़ी में अस्पताल ले जाने की कोशिश की गयी लेकिन उन्होंने रास्ते में ही अपना दम तोड़ दिया. इस खबर का पता चलते ही सीरियल के उनके साथी कलाकारों ने घोर दुख प्रकट किया है. सीरियल में अहम् किरदार निभाने वाली actress दिव्यांका त्रिपाठी ने बहुत ही मार्मिक शब्दों में नीरू को श्रद्धांजलि दी है. दिव्यांका त्रिपाठी ने इंस्टाग्राम में पोस्ट करते हुए लिखा की नीरू जब आप अचानक हमे छोड़ कर चली गयीं है तो मुझे आपके साथ हुए अंतिम बातचीत के कुछ अंश याद आ रहे हैं. आप मुझसे अपनी पसंदीदा सोने के गहनों के बारे में बात कर रही थी. आप अपने दोनों बेटों के बारें में बात कर रही थी. आपके दोनों में से एक बेटे को बॉक्सिंग बहुत पसंद है. मुझे आपकी आवाज़ में गर्व महसूस हो रहा था. मुझे आशा थी की आप अपनी बेटी के साथ और भी ज्यादा समय गुजारेंगी. मुझे अफ़सोस है की मैं आपसे और बातें नहीं कर पायी. हम सब आपको मिस करेंगे. भगवान् आपकी आत्मा को शांति दे. नीरू अग्रवाल के परिवार में उनके पति है. उनके दो बेटे है और एक बेटी भी है. हम अपनी तरफ से नीरू को श्रद्धांजलि देते है और प्राथना करते है की इस दुख की घरी में भगवान् उनके परिवार को शक्ति दे.
Location:
India
'Manikarnika' के Teaser में दिखा झाँसी की रानी Kangana का रौद्र रूप।
कंगना रनाउत की सबसे बहुप्रतीक्षित फिल्म मणिकर्णिका द क्वीन ऑफ़ झाँसी का टीज़र आज रिलीज़ हो गया है. इस टीज़र में कंगना रनाउत का शानदार रूप नज़र आ रहा है. टीजर में झांसी की रानी बनी कंगना रनाउत द्वारा किया गया एक्शन और उनके तेवर आपका दिल जीत लेंगे. फिल्म के टीज़र की शुरुआत अमिताभ बच्चन की दमदार आवाज से होती है. अमिताभ बच्चन अपने आवाज़ में कह रहे हैं की भारत वर्ष महान सभ्यता जहां मिट्टी भी सोना थी. दिलों के दरवाजे हर मेहमान के लिए खुले थे. एक दिन इन्हीं दरवाजों से घुस आए कुछ क्रूर शैतानी इरादे. तब इस मिट्टी के गर्भ से उठ खड़ी हुई मणिकर्णिका. फिल्म के टीज़र के अंत में अमिताभ बच्चन रानी लक्ष्मीबाई के लिए वही प्रशिद्ध लाइन कहते हैं की खूब लड़ी मर्दानी थी वो झाँसी वाली रानी थी वो. इस आवाज़ के साथ टीज़र को देखते हुए आपके रौँगटे खड़े हो जाएंगे.टीजर में कंगना रानी झांसी के किरदार में action से लेकर शानदार घुड़सवारी करते हुए युद्ध के मैदान में अंग्रेजों को धूल चटाती नजर आ रही हैं. यह फिल्म झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के जीवन और 1857 के भारतीय विद्रोह के दौरान ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ उनकी लड़ाई पर आधारित है. कंगना के अलावा इस फिल्म में danny denzogappa भी है. वह इस फिल्म में ग़ुलाम मोहम्मद गूस खान का किरदार निभा रहे हैं. पेशवा बाजी राव का किरदार सुरेश ओबेरॉय निभा रहे हैं वहीँ तात्या टोपे का किरदार अतुल कुलकर्णी को मिला है. २०० करोड़ के बजट से बनी ये फिल्म वर्ष २०१९ में २५ जनवरी को रिलीज़ होगी.
Monday, 1 October 2018
इस छात्रा ने उँगलियों के निशान से 495 फ़ीट कपड़े पर लिखी हनुमान चालीसा, बनाया विश्व रिकॉर्ड।
वाराणसी में रहने वाली एक छात्रा ने अपनी भक्ति और हुनर से एक अजूबा कीर्तिमान बनाया है. महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में पढ़ने वाली नेहा सिंह ने 38147 अंगुलियों के निशान से 136 मीटर यानी 449 फीट लंबे कपड़े पर पूरी हनुमान चालीसा लिख डाली है. इस अद्भुत रिकॉर्ड को बनाने के साथ ही नेहा का नाम यूरेशिया वर्ल्ड रिकार्ड्स में शामिल हो गया है. संकट मोचन मंदिर प्रांगण में रविवार को शाम आयोजित समारोह में उंगुलियों के निशान से लिखी गयी हनुमान चालीसा का विमोचन किया गया. कपड़े पर लिखी हनुमान चालीसा को देखने के लिए देर शाम तक भीड़ लगी रही थी. यूरेशिया वर्ल्ड रेकॉर्ड में नाम दर्ज कराने के लिए नेहा को सम्मानित किया गया. नेहा को बीएचयू के भारत कला भवन के डायरेक्टर प्रोफेसर अजय कुमार सिंह प्रोफेसर मंजुला चतुर्वेदी और पीएम मोदी के जनसम्पर्क कार्यालय प्रभारी शिवशरण पाठक ने सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया. ये सर्टिफिकेट यूरेशिया वर्ल्ड रिकॉर्ड के प्रतिनिधि और जाने माने कलाकार जगदीश पिल्लई की मौजूदगी में दिया गया है. मीडिया से बात करते हुए नेहा ने बताया की कपड़े के ऊपर हनुमान चालीसा लिखने में उन्हें पुरे एक हफ्ते का समय लगा. लिखने से पहले किये गए तैयारियों में दो महीने का समय लग गया था. नेहा ने बताया की वो हर दिन सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक अंगुलियों से हनुमान चालीसा लिखती थीं. इस काम की प्रेरणा नेहा को गिनेस बुक ऑफ वर्ल्ड रेकॉर्ड में वाराणसी से सबसे ज्यादा चार बार नाम दर्ज करा चुके जगदीश पिल्लई से मिली है. आपको यहाँ बता दें की नेहा ने इससे पहले बीते साल सोलह लाख मोतियों से भारत का नक्शा बनाकर इंडिया बुक ऑफ रेकॉर्ड्स में भी अपना नाम दर्ज करवा चुकीं है.
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